श्री राधे रानी भक्त मंडल, इंदौर की रंगारंग फाग यात्रा सम्पन्न, गिरिराज अभिषेक, गोवर्धन परिक्रमा, बरसाना दर्शन और यमुना चुनरी मनोरथ में उमड़ी भक्ति

श्री राधे रानी भक्त मंडल, इंदौर की रंगारंग फाग यात्रा सम्पन्न, गिरिराज अभिषेक, गोवर्धन परिक्रमा, बरसाना दर्शन और यमुना चुनरी मनोरथ में उमड़ी भक्ति

इंदौर/मथुरा : श्री राधे रानी भक्त मंडल , इंदौर द्वारा आयोजित गिरिराज फाग यात्रा 2026 भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुई। भरतजी तोतला एवं उनकी टीम के संयोजन में आयोजित इस तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा में इंदौर के लगभग 150 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज के अभिषेक, रंगारंग फाग यात्रा के साथ गोवर्धन परिक्रमा, बरसाना में राधारानी के दर्शन एवं प्रसादी तथा यमुना जी के चुनरी मनोरथ सहित अनेक धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की।

वैभव अजमेरा, मयूर नवाल और आशीष माहेश्वरी ने बताया कि मंडल के सभी श्रद्धालु 27 फरवरी 2026 को शाम 7 बजे ट्रेन द्वारा इंदौर से मथुरा के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। ट्रेन में श्रद्धालुओं को ठंडाई, फरियाल एवं रात्रि भोजन के पैकेट के साथ आइसक्रीम वितरित की गई। साथ ही सभी भक्तों ने भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।

28 फरवरी की सुबह आगरा के पास सभी यात्रियों को गर्म चाय और कॉफी प्रदान की गई। इसके बाद सुबह लगभग 9 बजे मथुरा पहुंचने पर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। सभी श्रद्धालु पहले से तैयार बसों द्वारा माहेश्वरी भवन पहुंचे, जहां चेक-इन के साथ स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी।

इसके पश्चात सुबह 11 बजे सभी श्रद्धालुओं को वाहनों द्वारा गोविंदकुंड ले जाया गया, जहां ध्वजा मनोरथ सम्पन्न हुआ। इसके बाद गोवर्धन पर्वत के इंद्रपूजा स्थल सुरभी कुंड (इंद्रमान) तलाटी परिक्रमा मार्ग पर गिरिराज बाबा का भव्य पंचामृत महाभिषेक किया गया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा 56 भोग अर्पित किए गए और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा सम्पन्न हुई। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने माहेश्वरी भवन में दोपहर का भोजन प्रसादी ग्रहण किया।

दोपहर भोजन के पश्चात माहेश्वरी भवन से रंगारंग फाग यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पैदल डीजे और सुमधुर भजनों के साथ फाग के गीत गाते हुए तथा गुलाल उड़ाते हुए लगभग 12 किलोमीटर की गोवर्धन परिक्रमा उत्साहपूर्वक पूरी की। रास्ते में भक्तों के लिए पानी, ठंडाई और अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी। पूरी यात्रा के दौरान “राधे-राधे” और “गिरिराज महाराज की जय” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। परिक्रमा मार्ग में पूंछड़ी के लोटा जी, जतीपुरा मुखारविंद सहित प्रमुख दर्शनों का लाभ भी सभी श्रद्धालुओं को मिला। इसके बाद श्रद्धालुओं ने माहेश्वरी भवन में रात्रि भोजन प्रसादी ग्रहण की।

रात्रि में जतीपुरा स्थित मुख्य मुखारविंद पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां इत्र सेवा और दुग्ध सेवा की गई तथा राधा-कृष्ण के भजन-कीर्तन हुए। भक्तों को दुग्ध प्रसादी भी वितरित की गई। कार्यक्रम के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने माहेश्वरी भवन में रात्रि विश्राम किया।

1 मार्च की सुबह चाय-कॉफी और अल्पाहार के बाद श्रद्धालु बस द्वारा बरसाना के लिए रवाना हुए। बरसाना में राधा रानी उत्सव में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और राजभोग प्रसादी ग्रहण की। भक्तों ने राधारानी मंदिर में दर्शन कर उत्सव का आनंद लिया।

इसके बाद सभी श्रद्धालु मथुरा पहुंचे, जहां यमुना नदी के तट पर बैंड-बाजों के साथ आयोजित चुनरी मनोरथ और भव्य महाआरती में शामिल हुए। दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों के बीच आयोजित इस महाआरती ने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप एक-एक चुनरी भी प्रदान की गई। इसके बाद सभी ने भोजन प्रसादी ग्रहण कर बसों द्वारा मथुरा रेलवे स्टेशन के लिए प्रस्थान किया।

रात्रि 11:30 बजे श्रद्धालु ट्रेन द्वारा इंदौर के लिए रवाना हुए। 2 मार्च की सुबह उज्जैन में अल्पाहार के बाद सभी श्रद्धालु सुबह लगभग 10 बजे इंदौर पहुंचे।

मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार पूरी यात्रा के दौरान सभी धार्मिक कार्यक्रम अत्यंत व्यवस्थित और श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक रूप से अत्यंत सुखद और अविस्मरणीय अनुभव बताया।

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Gulabpura - Sun, 19 Jan 2020खेलकूद
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